Flash Story
देहरादून : उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026 का शुभारंभ, राज्यपाल ने दी प्रेरणा।
लोकतंत्र की मजबूती में मतदाता की निर्णायक भूमिका : बंशीधर तिवारी
मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किए राजस्व विभाग के 6 वेब पोर्टल, खतौनी से लेकर भू-अनुमति तक सेवाएँ हुईं ऑनलाइन
“मानक मंथन” से उद्योगों में CSR और गुणवत्ता को नई दिशा : सौरव त्रिपाठी
मेरठ ने रचा इतिहास पहली बार भक्ति एवं देश भक्ति का संपूर्ण समागम देखने को मिला
क्राइम लिट फेस्ट के समापन दिवस पर साहित्य, कानून और सिनेमा का संगम
ILI दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर (डॉ.) एस. शिवकुमार NLSA की सेंट्रल अथॉरिटी के सदस्य नियुक्त
मुख्यमंत्री धामी के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” विज़न को मिली रफ्तार, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में SOTF की बड़ी कार्रवाई 
मुख्यमंत्री धामी और डॉ. धन सिंह रावत के प्रयास रंग लाए, Dr. Sushil Ojha के नेतृत्व में दून चिकित्सालय में विश्वस्तरीय नेत्र सर्जरी

मुख्यमंत्री धामी की प्रेरणा और आईजी रिद्धिमा अग्रवाल की पहल से कुमाऊं में मानसिक स्वास्थ्य को मिली नई दिशा

“मिशन संवाद” उत्तराखंड पुलिस की मानसिक सुदृढ़ता की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल

न्यूज वायरस नेटवर्क 

नैनीताल। “स्वस्थ उत्तराखंड – सशक्त भारत” के संकल्प को मूर्त रूप देते हुए उत्तराखंड पुलिस ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अभिनव कदम उठाया है। कुमाऊं परिक्षेत्र में “मिशन संवाद” कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में किया गया, जिसमें पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ (वीसी माध्यम से) और कुमाऊं क्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिमा अग्रवाल की अग्रणी भूमिका रही।

मानव-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में सार्थक पहल

मुख्यमंत्री धामी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप कुमाऊं रेंज में पुलिस बल की मानसिक स्थिति को सशक्त करने की दिशा में कुमाऊं क्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिमा अग्रवाल ने “मिशन संवाद” शुरू किया गया है। इस पहल के तहत पुलिसकर्मियों को मानसिक सुदृढ़ता, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली में सुधार के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले एनजीओ “School of Life” के मनोवैज्ञानिकों की मदद से किया जा रहा है, जो काउंसलिंग, योग, ध्यान और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट में अनुभवी हैं।कुमाऊं क्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिमा अग्रवाल के अनुसार तीन चरणों में संचालित होगा कार्यक्रम

पहला चरण:

नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें प्रत्यक्ष और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिसकर्मियों की भागीदारी होगी। संवाद टीम पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर समाधान की दिशा में कार्य करेगी।

दूसरा चरण:

तनावग्रस्त कार्मिकों की पहचान कर उन्हें परामर्श, योग और जीवनशैली में बदलाव हेतु मार्गदर्शन दिया जाएगा।

तीसरा चरण:

गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे मामलों में गहन काउंसलिंग की जाएगी, जिसमें परिवार की भी सहभागिता होगी। इस प्रक्रिया की निगरानी “संवाद ऐप” के माध्यम से की जाएगी।

डिजिटल सशक्तिकरण – संवाद ऐप की शुरुआत

कार्यक्रम की प्रभावशीलता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए “संवाद” मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो कुमाऊं परिक्षेत्र के सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर इंस्टॉल किया जाएगा। ऐप में सभी कार्मिकों की जानकारी सुरक्षित है, जिससे व्यक्तिगत पहचान सुनिश्चित होती है और मनोवैज्ञानिक सहायता गोपनीय रूप से दी जा सकती है।

कर्मचारी ऐप के माध्यम से किसी भी समय अपनी मानसिक स्थिति या कार्य से जुड़ी समस्याएं साझा कर सकते हैं, जिस पर संवाद टीम द्वारा विशेषज्ञों की सहायता से त्वरित प्रतिक्रिया दी जाएगी।

यह ऐप एक डिजिटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करेगा जो मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी के साथ-साथ उत्तरदायित्व, कार्यक्षमता और आत्मबल को भी सशक्त बनाएगा।

जमीनी क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

प्रत्येक जनपद में संवाद टीम से समन्वय हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि कार्यक्रम के संचालन में सुगमता और निरंतरता बनी रहे।

कार्यक्रम में प्रमुख सहभागिता

इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, एसएसपी ऊधमसिंहनगर, एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा, एसपी चंपावत अजय गणपति सहित कुमाऊं परिक्षेत्र और अन्य इकाइयों के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही गढ़वाल क्षेत्र, पीएसी, और आईआरबी वाहिनियों के प्रतिनिधियों ने भी वर्चुअल माध्यम से भागीदारी की।

तनाव से नहीं, संवाद से जीत होगी” – मिशन संवाद का मूल मंत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top