पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में मेले-प्रदर्शनी का आगाज, सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बांधा समां
देहरादून। हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘गोरखा हिमालयन फेस्टिवल’ का शुभारंभ शुक्रवार को साइक्लोथॉन रैली के साथ हुआ। शहीद दुर्गामल्ल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से गढ़ी कैंट स्थित महेंद्र ग्राउंड में आयोजित इस उत्सव के पहले दिन सुबह सात बजे 15 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन रैली निकाली गई।
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल राम सिंह प्रधान, गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, ट्रस्ट की अध्यक्ष कमला थापा एवं संरक्षक गोदावरी थापली ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली गढ़ी कैंट से बल्लूपुर और घंटाघर होते हुए पुनः कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। सौ से अधिक साइकिल चालकों ने इसमें भाग लिया। अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ‘सेव हिमालय’ का संदेश दिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
शाम को मेले एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में हुआ। उनके साथ लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) राम सिंह प्रधान, ट्रस्ट के संस्थापक आचार्य पंडित सुशांत राज, अध्यक्ष कमला थापा, पदम सिंह थापा एवं गोदावरी थापली ने औपचारिक उद्घाटन किया।
सांस्कृतिक संध्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। जम्मू के जिया शर्मा एम जैक्सन बैंड ने ‘कुंजू चंचलो’ और ‘आश्रूआ आ गोरिया’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। सिलीगुड़ी की सुरक्षा सिन्चुरी और गायक विक्रम कालीकोटी ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
स्थानीय कलाकार दीप्ति राणा और देविन शाही की जुगलबंदी विशेष आकर्षण रही। कौसाली समूह, मीनू आले समूह, सूरज राई, पवन सुब्बा सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गोरखा हिमालयन फेस्टिवल की थीम अत्यंत सराहनीय है। हिमालयी क्षेत्रों की साझा सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने और संरक्षण का संदेश देने की यह पहल महत्वपूर्ण है।
ट्रस्ट की सचिव प्रभा शाह ने बताया कि शनिवार को असम से आई सुपर डांसर विजेता अध्यायश्री उपाध्याय की प्रस्तुति विशेष आकर्षण होगी। उत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों और स्थानीय लोगों की सहभागिता रही।


