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जानिए क्या है करोड़ों रुपए का चीनी लोन ऐप फ्रॉड ?

देश में पिछले कुछ समय से चीनी लोन ऐप के जरिए लोगों को ठगने और लूटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस के मुताबिक, अरबों रुपए का ये धंधा चीन से चलता है। भारत में काम करने वाले इन चीनी लोन ऐप्स के एजेंट्स क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश में बैठे अपने आकाओं को पैसे भेजते हैं।

इस साल अप्रैल में दिल्ली पुलिस ने कई करोड़ों रुपए के चीनी लोन ऐप फ्रॉड के इंटरनेशनल सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत देश भर से 8 लोगों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को लोन देने के बाद उसके भुगतान के नाम पर पैसे की उगाही करने के साथ ही उन्हें धमकाते भी थे। पुलिस के मुताबिक, इन ऐप्स के मास्टरमाइंड चीन में हैं, साथ ही दुबई, हांगकांग, नेपाल और मॉरिशस से भी इनके तार जुड़े हैं। इन लोन ऐप्स के एजेंट भारत से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन, हांगकांग और दुबई पैसे भेजते हैं।

दिल्ली में इस मामले में हुई गिरफ्तारी में पुलिस को एक ही खाते से उगाही किए गए 8.25 करोड़ रुपए मिले थे, जबकि 25 अन्य खाते फ्रीज किए गए थे।

पिछले साल ED ने चीनी ऐप लोन फ्रॉड की जांच के दौरान पाया था कि इन ऐप्स के जरिए 1,400 करोड़ रुपए के ट्रांजैक्शन हुए हैं। इनमें से ज्यादातर पैसा चीन, हांगकांग और मॉरीशस ट्रांसफर किया गया था। पिछले साल ही दक्षिण भारत में इस फ्रॉड से जुड़े मामले में 7 चीनी नागरिकों समेत 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

क्या है करोड़ों रुपए का चीनी लोन ऐप फ्रॉड?भारत में पिछले कुछ वर्षों में तुरंत या इंस्टेंट लोन देने का वादा करने वाले चीनी ऐप का धंधा बहुत तेजी से फला-फूला है। ये लोन देने वाले ऐप बिना किसी KYC डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, बिना किसी लोन एग्रीमेंट के ही हर किसी को लोन देते हैं। यही बात उनके तेजी से लोकप्रिय होने की वजह बन गई।भारत में करीब 1050 इंस्टेंट लोन ऐप्स हैं, जिनके कामों में कई अनियमितता पाई गई। इनमें से करीब 750 ऐप्स अभी भी गूगल प्ले स्टोर पर हैं। इनमें से 300 ऐप्स की वेबसाइट हैं, जिसमें बहुत कम जानकारी दी गई है। वहीं केवल 90 ऐप्स का ही कोई फिजिकल एड्रेस है।
यूजर की पूरी डिटेल इकट्ठा कर चुके ये ऐप लोन लेने वाले की मॉर्फ्ड और अश्लील तस्वीरें उसके परिवार को भेजकर उसे ब्लैकमेल करते हैं। ऐसे में व्यक्ति मजबूर होकर उन्हें लोन अमाउंट से कई गुना ज्यादा पैसा दे देता है।कई बार ये ऐप लोगों को इतना परेशान करते हैं कि लोग सुसाइड तक कर लेते हैं, लेकिन इन ऐप्स का धंधा चलता रहता है, क्योंकि ये कोई नया शिकार तलाश लेते हैं।
कोरोना के बाद से भारत में तेजी से फला-फूला लोन ऐप्स का धंधा2020 में देश में कोरोना महामारी के बाद लोगों की खस्ता आर्थिक हालत ने भी लोन बांटने वाली इन चीनी कंपनियों को अपना धंधा बढ़ने में बहुत मदद की। इन लोन ऐप को डाउनलोड करते ही यूजर के खाते में एक छोटी रकम ट्रांसफर कर दी जाती है, लेकिन इस लोन की ब्याज दर बहुत ज्यादा होती है। कई बार 200% से 500% तक की ऊंची ब्याज दर वसूली जाती है।

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