प्रधानमंत्री मोदी ने समाचार पत्रों को दिया नए साल का ‘अग्रिम तोहफ़ा’,आर्थिक मजबूती के लिए लघु और सूक्ष्म पत्रों को तीन गुना तक बढ़ीं सरकारी विज्ञापन दरें
सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव और सीबीसी की महानिदेशक कंचन प्रसाद के मज़बूत प्रयासों से धरातल पर दिखाई दिया प्रधानमंत्री मोदी का विज़न
मोदी सरकार प्रिंट मीडिया को सिर्फ एक उद्योग नहीं, बल्कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही मानती है।
लघु समाचार पत्रों की आर्थिक रीढ़ को मिला प्रधानमंत्री मोदी का संबल—CBC ने जारी की अब तक की सबसे उदार दर संरचना।
मो.सलीम सैफी
न्यूज़ वायरस नेटवर्क
नई दिल्ली : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय एवं सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन CBC) ने प्रिंट मीडिया के लिए सरकारी विज्ञापन दरों में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी करते हुए छोटे, लघु और सूक्ष्म समाचार पत्रों के लिए वह राहत दे दी है, जिसका इंतजार कई वर्षों से था। सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव और सीबीसी की महानिदेशक कंचन प्रसाद के मज़बूत प्रयासों से धरातल पर उतरा है प्रधानमंत्री मोदी का ये विज़न। नए साल पर सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव और सीबीसी की महानिदेशक कंचन प्रसाद के मज़बूत प्रयासों ने ये साबित कर दिया है कि मोदी सरकार समाज में प्रिंट मीडिया की उपयोगिता को ना केवल समझती है बल्कि स्वतंत्र मीडिया को मज़बूत करने में भी आगे है। 
केंद्र सरकार ने CBC (केंद्रीय संचार ब्यूरो) की 9वीं दर संरचना समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए विज्ञापन दरों में 26% की सीधी वृद्धि और रंगीन विज्ञापनों पर 40% अतिरिक्त प्रीमियम लागू कर दिया है। साथ ही नए प्रावधानों के तहत लघु और सूक्ष्म समाचार पत्रों को कई श्रेणियों में तीन गुना तक दर वृद्धि का लाभ मिलेगा—यह अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता मानी जा रही है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दैनिक समाचार पत्रों की 1 लाख प्रतियों वाले संस्करणों के लिए श्वेत-श्याम विज्ञापन दरें ₹47.40 से बढ़ाकर ₹59.68 प्रति वर्ग सेमी कर दी गई हैं। यह वृद्धि अकेले 26% के बराबर है। वहीं, छोटे और सूक्ष्म समाचार पत्रों को CBC द्वारा तय अन्य मानदंडों—जैसे सर्कुलेशन आधारित श्रेणियाँ, PRGI/ABC सत्यापन, GST पंजीकरण आदि—के तहत अतिरिक्त प्रीमियम का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी दरें कई मामलों में दो गुना से लेकर तीन गुना तक बढ़ जाएँगी।
प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता का प्रतिबिंब: प्रिंट मीडिया परिवारों की खुशियों का ख्याल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रिंट मीडिया संचालकों, प्रकाशकों, संपादकों, पत्रकारों, तकनीशियनों और अख़बार उद्योग के हर कर्मचारी की स्थिति को बेहद संवेदनशीलता से समझते हैं। मीडिया घरानों के सामने बढ़ती लागत, कागज़ के दाम, वेतन व्यय और डिजिटल प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों को देखते हुए प्रधानमंत्री मॉडेल रूप से चाहते थे कि प्रिंट मीडिया विशेषकर छोटे समाचार पत्रों को अतिरिक्त संरक्षण दिया जाए।
नई संशोधित दरें मोदी जी की उसी संवेदना और दूरदर्शिता का परिणाम हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे लघु और सूक्ष्म समाचार पत्रों के लिए यह निर्णय किसी वरदान से कम नहीं है। मोदी सरकार ने एक ‘परिवार के अभिभावक’ की तरह प्रिंट मीडिया कर्मचारियों के घरों में खुशहाली लाने का रास्ता खोला है—यह कदम उन हजारों लाखों परिवारों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा जो प्रिंट मीडिया पर निर्भर हैं।
CBC की नई दर संरचना—महत्वपूर्ण प्रावधान (इस महीने जारी सभी अपडेट)
सरकारी विज्ञापन दरों में 26% की सीधी वृद्धि—47.40 → 59.68 रुपये प्रति वर्ग सेमी
रंगीन विज्ञापनों पर 40% अतिरिक्त प्रीमियम को मंजूरी
वरियता आधारित पोजिशनिंग (First Jacket, Front Page, Back Page आदि) के 25 % से लेकर 75% तक अतिरिक्त प्रीमियम मान्य
लघु और सूक्ष्म समाचार पत्रों को कई श्रेणियों में तीन गुना तक कुल लाभ
कागज़, वेतन, मुद्रास्फीति और लागत बढ़ोतरी को आधार मानकर दरें तय
9वीं दर संरचना समिति (2021–2023) की सिफारिशें अंतिम रूप से स्वीकार
प्रिंट मीडिया को डिजिटल प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए राजस्व सुरक्षा प्रदान
स्थानीय पत्रकारिता और छोटे संपादकीय संस्थानों के संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान
कम सर्कुलेशन वाले अखबारों के लिए CBC द्वारा अलग प्रीमियम प्रदान
रंगीन विज्ञापनों, विशेष स्थायी पोजिशन और GST पंजीकृत प्रकाशनों को 25% से 75% तक अतिरिक्त लाभ
2025 के अंत से (1 दिसंबर 2025 से) नई दरें लागू—2026 के बजट वर्ष से पूर्ण प्रभाव में
क्या बदलेगा?—छोटे समाचार पत्रों की किस्मत
इस निर्णय से पूरे देश के छोटे व मध्यम समाचार पत्रों को स्थिर राजस्व प्राप्त होगा जिससे कर्मचारी वेतन में सुधार होगा,बेहतर कागज़ व तकनीक खरीदने की क्षमता बढ़ेगी,
विश्वसनीय और निष्पक्ष पत्रकारिता बनाए रखने का आत्मबल मिलेगा,स्थानीय रिपोर्टिंग को बढ़ावा मिलेगा और सैकड़ों बंद हो रहे छोटे अखबारों को पुनर्जीवन एवं गति मिलेगीं।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रिंट मीडिया क्षेत्र को दिया गया यह ‘नए साल का अग्रिम उपहार’ न सिर्फ आर्थिक राहत है बल्कि एक संदेश भी है—सरकार प्रिंट मीडिया को सिर्फ एक उद्योग नहीं, बल्कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानती है। CBC की संशोधित दरें आने वाले वर्षों में प्रिंट मीडिया इको-सिस्टम को और मजबूत करेंगी और छोटे समाचार पत्रों के घरों में फिर से नई रौशनी लौटाएँगी।


