• Home
  • India
More

    सावधान ! COVID 19  से बचे तो Mobile छीन लेगा आपकी GOOD HEALTH 

    By – Anita Ashish Tiwari Uttarakhand


    देश भर में अगले 14 दिन एक बार फिर देश को लक्ष्मण रेखा के अंदर ही गुज़ारनी है….हांलाकि उम्मीद के मुताबिक आज़ादी तो नहीं मिलेगी लेकिन सुरक्षा मानकों के साथ रोजमर्रा की ज़िंदगी थोड़ा पटरी पर ज़रूर आने लगी है…..लेकिन एक बड़ा नुकसान इस लॉक डाउन ने इंसान को चुपके से दे दिया है और वो है सोशल मीडिया पर ज़रूरत से ज्यादा समय बर्बाद करना….

    एक खबर के मुताबिक दुनिया की अर्थ व्यवस्था भले ही बर्बाद हो गयी हो लेकिन इन सबके बीच फेसबुक, गूगल व्हाट्सअप, ट्विटर, यूट्यूब ,इंस्टाग्राम जैसे पब्लिक एप्प की चांदी हो गयी है….अकेले भारत की बात करें तो युवा हो या महिला बुज़ुर्ग हो या बच्चे इस बीच बेहिसाब मोबाइल का इस्तेमाल करते दिखाई दिए….हांलाकि सामाजिक दूरी की वजह से लोगों का एक दूसरे से मेल मिलाप भी थम गया है लिहाज़ा लोगों ने हाँथ में पाव भर के इस यंत्र में ही अपनी दुनिया समेट ली है …

    रिश्तेदारों से Online gosip हो या Tiktok पर lock down के हालात बयां करने वाले वीडियो….लोग घर के कोने कोने में बैठे हालात पर चर्चा कर रहे हैं ।  आंखों में दर्द, नींद न आना , कंधे , गर्दन और पीठ में दर्द, चिड़चिड़ापन  ये कुछ ऐसे लक्षण हैं जो आपकी अच्छी खासी सेहत को दीमक लगा रहे हैं….जी हां अगर सोशल साइट्स कोरोना महामारी के बावजूद मोटा मुनाफा पैदा कर रहे हैं तो उसकी वजह है हमारी आपकी आरामतलब होती आदतें और ज़रूरत से कहीं ज्यादा Internet और mobile से यारी…..

    किचन से लेकर बाथरूम तक स्टडी रूम से लेकर बैडरूम तक मोबाइल ने अपनी घुसपैठ बना ली है…. एक ही पोजीशन में घंटों मोबाइल पर थिरकती उंगलियां अनगिनत बीमारियों का सबब बन रही हैं और आप और हम बेखबर हैं…
    देहरादून के सीनियर डॉक्टर्स की माने तो सोशल मीडिया में  ज्यादा से ज्यादा समय देने वाले लोग टेंशन और अनिंद्रा के शिकार हो रहे हैं… जब आज लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोग प्रतिरोधक क्षमता की ज़रूरत है ऐसे में  मोबाइल की नीली रोशनो आपकी ज़िंदगी से सेहत का नूर बेनूर कर रही है… पर भी खासा असर पड़ता है।

    चिकित्‍सकों के अनुसार कोरोना संक्रमण काल में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के जरीये ही बचा जा सकता है। ऐसे में तनाव और मोबाइल के हानिकारक रसायन शरीर की इस क्षमता पर विपरीत प्रभाव डालते हैं।   वरिष्‍ठ फिजिशियन कहते हैं कि मोबाइलों में लीड, ब्रोमीन, क्लोरीन, मर्करी और कैडमियम पाया जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। मोबाइल में पॉलीक्लोरीनेटेड बाईफिनायल्स रसायन निकलता है, जिसके कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता घटती है।

    मोबाइल का प्रयोग करने से लीवर और थाइराइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं….इनके अलावां अगर आप या आपके बच्चे  मोबाइल का उपयोग ज्यादा करने लगे हैं तो उन्हें नोमोफोबिया के शिकार हो रहे हैं।  दुनियाभर में हुए एक सर्वे में 84 फीसदी स्मार्टफोन उपभोक्ताओं ने स्वीकार किया कि वे एक दिन भी अपने फोन के बिना नहीं रह सकते हैं। स्मार्टफोन की इस लत यानि नोमोफोबिया हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे दिमागी सेहत को भी प्रभावित करता है। झुकी गर्दन की वजह से शरीर को पूरी या गहरी सांस लेने में समस्या होती है। इसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है।

    टेक्स्ट नेक – मोबाइल स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखनेवाले लोगों को गर्दन के दर्द की शिकायत आम हो चली है। इसे ‘टेक्स्ट नेक का नाम दे दिया गया है। यह समस्या लगातार टेक्स्ट मैसेज भेजने वालों और वेब ब्राउजिंग करने वालों में पाई जाती है।

    हो सकती है किडनी फेल – 75 फीसदी लोग अपने मोबाइल को बाथरूम में ले जाते हैं, जिससे हर 6 में से 1 फोन पर ई-कोलाई बैक्टीरिया के पाए जाने की आशंका बढ़ जाती है। इस बैक्टीरिया की वजह से डायरिया और किडनी फेल होने की आशंका होती है।

    मोबाइल ने छीनी नींद – दो घंटे तक चेहरे पर लगातार मोबाइल की रोशनी पडऩे से 22 फीसदी तक मेलाटोनिन कम हो जाता है। इससे नींद आने में मुश्किल होती है। यानी ज्यादा देर तक मोबाइल देखने से नींद नहीं आने की समस्या हो सकती है। सर्वे में 12 फीसदी लोगों ने कहा कि स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करने से उनके निजी संबंधों पर सीधा असर पड़ा है। 

    तो अगर आपको रहना है निरोगी और स्वस्थ परिवार की आपको चिंता है तो न्यूज़ वायरस नेटवर्क आपसे ये अपील करता है की सरकार के दिशा निर्देशों को मानते हुए परिवार के संग बेहतरीन वक़्त गुज़ारे और मोबाइल का बेवजह इस्तेमाल बंद कर दें। 

    Recent Articles

    आई.टी.डी.ए की एक नई पहल “बढ़ते क़दम”,क्या है ये जानिए

    अमित कुमार सिन्हा ,निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी, के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार, द्वारा सांकेतिक भाषा सप्ताह के...

    The 73 Raising Day of the Western Command

    WESTERN COMMAND CELEBRATES RAISING DAY Chandimandir: September 15, 2020 73

    बाजारौं को खुलने से संबंधित विषय को लेकर दून उद्योग व्यापार मण्डल की बैठक

    दिनांक ,14 सितम्बर, 2020 को देहरादून में वर्तमान में कोरोना के बढते दुष्प्रभाव को देखते हुए और...

    आज तक के क्राइम रिपोर्टर रहे वरिष्ठ पत्रकार सलीम सैफी का खुलासा – साजिशन दिल्ली की मीडिया गैंग ने खत्म किया कैरियर , 29...

    मीडिया जगत में भी है नेपोटिस्म  मीडिया में भी हावी है गैंग बाज़ी  प्रतिभाशाली पत्रकारों को बगैर सिफारिश नहीं...

    Related Stories

    Leave A Reply

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Stay on op - Ge the daily news in your inbox