• Home
  • UTTARAKHAND
  • India
More

    Research – यादों का बैंक बैलेंस बढ़ाती है आपकी अच्छी नींद का अकाउंट 

    रिसर्च ये बताती है की अगर आप तनाव की बजाय अच्छी नींद लेते हैं तो शरीर को  कई तरह के मानसिक तथा शारीरिक फायदे हैं। अब एक नए रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अच्छी नींद आपके पूरे जीवनकाल में सीखने की क्षमता में लगातार मदद करती है। नींद ही वह चीज है जो हमारी पुरानी यादों को भी संजो कर रखती है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के सैन डियागो स्कूल ऑफ मेडिसीन की रिसर्च में ये बात सामने आयी है 

    अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर मॉडल के आधार पर दिमाग की विभिन्न अवस्थाओं का छद्म विश्लेषण किया। जैसे कि सोने अथवा जागते रहने की स्थिति में दिमाग में नई यादें किस तरह कूट संकेत के रूप में संचित हो जाती है या पुरानी यादें किस तरह दिमाग में रची बसी रहती है। इस अध्ययन के प्रमुख वैज्ञानिक मकसीन बेझेनोव ने बताया कि जब हम सोते हैं तो हमारा दिमाग बहुत व्यस्त रहता है। हमने पूरे दिन क्या क्या सीखा है, सोने के समय हमारा दिमाग उन सभी चीजों को दोबारा संग्रहित करता है। इस प्रकार नींद यादों को पुनः संग्रहित करने में मदद करती है और इसे बेहद कुशल तरीके से यादों को प्रस्तुत करती है। उहोंने कहा कि हमारे इस अध्ययन से एक बात साफ है कि याददाश्त गतिशील है न कि स्थिर। उन्होंने कहा कि नींद इन यादों को लगातार अपडेट करती रहती है। उन्होंने कहा कि हमारा यह मानना है कि नींद के चक्र के दौरान नई और पुरानी यादें दिमाग में दोहराई जाती है जिससे किसी चीज को हम नहीं भूलते और यह हमारी यादों की क्षमता के प्रदशर्न को भी बढ़ाती है।

    नींद के समय संवेदी तंत्रिका में जमा होती हैं यादें

    बेझेनोव ने बताया कि जब नींद में यादों को दोहराया जाता है तब यह किसी चीज को भूलने के खिलाफ महत्वपूर्ण रक्षा कवच का काम करती है एक्सपर्ट्स का कहना है कि हम रोजाना कुछ न कुछ नई चीजें सीखते हैं। हम जो नई चीजें सीखते हैं वे हमारे दिमाग में याददाश्त के रूप में जमा हो जाती है और पुरानी यादों के साथ उनका कम्पटीशन शुरू हो जाता है। यानी वहां कौन सी यादें रहेंगी, इसके लिए प्रतिस्पर्धा होती है।

    उदाहरण के लिए आज हम अपनी कार को पार्क करने के लिए कुछ टेढ़े-मेढ़े रास्ते से जाते हैं और कल किसी और रास्ते से जाते हैं। इस स्थिति में दोनों ही यादें दिमाग में प्रतिस्पर्धा करेगी लेकिन हमारा दिमाग इतना कमाल का है कि नींद के बाद ये दोनों यादें हमारे दिमाग में इकट्ठा हो जाएंगी। रिसर्च में ये भी कहा गया है कि याददाश्त के लिए नींद का महत्व उसी प्रकार है जिस प्रकार अत्याधुनिक तकनीकी से लैस सेल्फ ड्राइविंग कार मनुष्य से कहीं आगे इमेज को पहचानने की क्षमता रखती है।

    तो अगर आप भी एक बेहतर ज़िंदगी रोजाना की यादगार लम्हों को संजोना चाहते हैं तो भरपूर नींद लीजिये और बिना किसी तनाव के दिन गुजारिये  

    Recent Articles

    प्रदेश के पहले ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन मुख्यमंत्री, श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, के कर कमलों द्वारा किया गया

    दिनांक 27-11-2020 को प्रदेश के पहले ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड, श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, के कर कमलों द्वारा...

    Sanjay Dhotre on his visit to Dehradun regarding spread of Internet facilities and Mobile network in Dev Bhoomi Uttarakhand

    Shri Sanjay Dhotre, Minister of State for Education, Communications and Electronics &...

    रमेश भट्ट का गीत मेरी शान उत्तराखंड हुआ रिलीज

    रमेश भट्ट का गीत मेरी शान उत्तराखंड हुआ रिलीज देहरादून: ...

    देश का सबसे लम्बा भारी वाहन झूला पुल है डोबरा-चांठी

    • मुख्यमंत्री ने किया डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण। • देश का सबसे लम्बा भारी वाहन झूला...

    हॉफ जयराज ने कैरियर में जीव,जंतु और पेड,पौधों की रक्षा की तो मानवता और अदा-ओ-अंदाज़ से लबरेज़ क़ाबिलियत भी साबित की,साढ़े 37 साल का...

    हॉफ जयराज ने कैरियर में जीव,जंतु और पेड,पौधों की रक्षा की तो मानवता और अदा-ओ-अंदाज़ से लबरेज़ क़ाबिलियत भी साबित की,साढ़े 37...

    Related Stories

    Leave A Reply

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Stay on op - Ge the daily news in your inbox