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कुंभ कोविड टेस्ट घोटाला: ढाई लाख लोगों को फोन करना बना चुनौती, कई नंबर गलत

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कुंभ कोविड टेस्ट घोटाला: ढाई लाख लोगों को फोन करना बना चुनौती.

कुंभ कोविड टेस्ट घोटाला: ढाई लाख लोगों को फोन करना बना चुनौती.

कोविड टेस्ट घोटाले का मामला सामने आने के बाद अब इसकी जांच में सही और गलत टेस्टिंग का पता लगाना कुंभ मेला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है. मेला स्वास्थ्य विभाग में इंपैनल्ड 11 टेस्टिंग लैब ने कुल ढाई लाख कोविड टेस्ट किए थे. इन्हें फोन कर सच्चाई पता लगाने के लिए चार कर्मचारियों को लगाना था, लेकिन कार्य एक ही करना मिला.

पुलकित शुक्ला

हरिद्वार. उत्तराखंड (uttarakhand) में कोविड टेस्ट घोटाले का मामला सामने आने के बाद अब इसकी जांच में सही और गलत टेस्टिंग का पता लगाना कुंभ मेला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है. मेला स्वास्थ्य विभाग में इंपैनल्ड 11 टेस्टिंग लैब ने कुल ढाई लाख कोविड टेस्ट किए थे. दो लैबों के काम में गड़बड़ी पाए जाने के बाद सभी लैब द्वारा किए गए कोविड टेस्ट को वेरीफाई किया जा रहा है.

जांच को लेकर मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 कर्मचारियों को काम पर लगाए जाने के बाद कही जा रही है, लेकिन न्यूज़ 18 की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तो जांच कमेटी के एक ही सदस्य लोगों को फोन करते नजर आए. इस दौरान लोगों से बात करने में अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि वे हरिद्वार कुंभ मेले में नहीं आए थे तो कुछ लोग कह रहे हैं कि वे जीवन में कभी हरिद्वार ही नहीं गए. लिस्ट में दिए गए ज्यादातर नंबर भी गलत सामने आ रहे हैं.

बेहद धीमी है जांच की गतिकुंभ मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अर्जुन सिंह सेंगर भले ही 4 सदस्यों की समिति बनाकर जांच करने की बात कह रहे हों लेकिन मौके पर समिति के सिर्फ एक सदस्य ही काम करते देखे गए हैं. उनका कहना है कि एक व्यक्ति दिन भर में 50 से 60 फोन कॉल ही कर पा रहा है. ऐसे में सोचने वाली बात है कि करीब ढाई लाख लोगों से फोन पर बात करके कैसे दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा.







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