Flash Story
ILI दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर (डॉ.) एस. शिवकुमार NLSA की सेंट्रल अथॉरिटी के सदस्य नियुक्त
मुख्यमंत्री धामी के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” विज़न को मिली रफ्तार, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में SOTF की बड़ी कार्रवाई 
मुख्यमंत्री धामी और डॉ. धन सिंह रावत के प्रयास रंग लाए, Dr. Sushil Ojha के नेतृत्व में दून चिकित्सालय में विश्वस्तरीय नेत्र सर्जरी
आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रिंट मीडिया पर मोदी सरकार ने बरसाई सौगातें 
देहरादून में वन खेलकूद प्रतियोगिता का दूसरा दिन रोमांचक — कई राज्यों के बीच फुटबॉल, हॉकी व बैडमिंटन मुकाबले
“उत्तराखंड बना खेल और पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत : मुख्यमंत्री धामी”
देहरादून के कियान्श कौशिक ने चमकाया नाम—नॉर्थ इंडिया ज़ोन कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड
धामी सरकार देगी युवाओं को अग्निवीर भर्ती पूर्व मुफ्त प्रशिक्षण, सभी जिलों में शुरू होगी तैयारी
भारतीय जनता युवा मोर्चा, उत्तराखंड में नई नियुक्तियाँ – दीपेन्द्र सिंह कोश्यारी बने प्रदेश महामंत्री

कोरोनाकाल में टीवी इंडस्ट्री के लिए मसीहा बने लेखक/ निर्माता सौरभ तिवारी 

देहरादून से कार्यकारी संपादक आशीष तिवारी की विशेष रिपोर्ट –

कहते हैं जिसका दिल संवेदनाओं से भरा होता है वो समाज के लिए कुछ भी कर गुज़रता है। बात जब देश और देशवासियों के जीवन की हो तो आज फिल्मकार और टीवी मनोरंजन जगत केआकाश मे ध्रुव तारे की तहफ चमक रहे सौरभ तिवारी का ज़िक्र हर किसी के लिए हौसले की मिसाल बन चुका है

आपको बता दें कि गंभीर लेखन और कलात्मकता के धनी सौरभ तिवारी, हिंदी टेलिविज़न जगत का एक ऐसा नाम है जिन्होंने पिछले २० वर्षों में अपनी कहानियों और धारावाहिकों के माध्यम से कभी दर्शकों को मनोरंजन प्रदान किया तो कभी प्रेरित किया। सौरभ बहुचर्चित टेलिविज़न चैनल कलर्स के हेड ऑफ़ कांटेंट रहे हैं और इस दौरान देश भर के लाखों घरों में लोकप्रियता के शीर्ष पर रहने वाले एंटरटेनमेंट शो बालिका वधू, उत्तरन और ना आना इस देस लाडो जैसे कई धारावाहिकों का निर्माण कराया है ।

कई साल पहले अपने शहर लखनऊ में क़याम करने के दौरान सौरभ ने बताया था कि उनका सपना है कि जिस शहर लखनऊ में उन्होंने खुद को आज के स्वरूप में ढलने के लिए तैयार किया था उसी अवध की ज़मीन पर वो खुद की एक फिल्म सिटी बनाने के ख्वाइशमंद हैं जिसका वो पूरा प्रोजेक्ट डिज़ाइन भी कर रहे थे।  

2011 से सौरभ ने एक लेखक और निर्माता के तौर पर मधुबाला और महक जैसे कई लोकप्रिय धारावाहिकों का निर्माण किया। देश जब एक भयानक विभीषिका यानि कोरोना काल के दौरान  जीवन और सेहत के लिए जद्दोजहद कर रहा था तब अपनी संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए सौरभ ने अपनी कम्पनी  Parin Multimedia के माध्यम से टेलीविजन जगत से जुड़े कई परिवारों की आर्थिक रूप से मदद की। इतना ही नहीं इन्होने अपने सेट पर Bio-Bubble का निर्माण करके, यूनिट के हर सदस्य को लगातार रोजगार मिलता रहे, इसका प्रबंध भी सुनिश्चित किया।
मानवता की एक बेहतरीन मिसाल बनकर खुद को समर्पित करने वाले सौरभ तिवारी ने जिस संजीदगी से  फिल्म के सेट्स पर बेज़ुबान जानवर जो शूटिंग के खाने पर पलते थे, शूटिंग बंद होने की वजह से भुखमरी की कगार पर पहुँच गए थे, उनके खाने का भी बड़ी संख्या में इंतज़ाम भी कराया। इनके और इनके मित्रों के प्रयासों की वजह से कई बेज़ुबान जानवरों का जीवन बच सका।
आज जब हमारा देश कोरोना जैसी पलायकारी तूफ़ान से उबार रहा है ऐसे में अब सौरभ तिवारी जैसे मसीहा के ख़ामोशी से किये गए समाजसेवा के उदाहरण हमारे सामने आ रहे हैं जो निश्चित ही आने वाले कल में युवा भारत के लाखों करोड़ों नौजवानों के लिए एक अनुकरणीय प्रेरणा बन रही है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top