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सावधान ! देश में बढ़ रहे ओमिक्रोन के मामले, क्रिसमस और नए साल के जश्न पर लगा प्रतिबंध !

ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के सभी देशों में तेजी से फैल रहा है। भारत में भी इसके मरीज लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। एक तरफ ओमिक्रॉन की तस्वीर पूरी तरह से क्लियर नहीं हो रहीं वहीं इससे जुड़े हर नई रिपोर्ट एक्सपर्ट्स को हैरान कर रही है।

हाल में ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) यूरोप ने चेतावनी दी है कि ओमिक्रॉन 5 से 14 साल के बच्चों को तेजी से इन्फेक्ट कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार कई देशों में ओमिक्रॉन इन्फेक्शन के मामले बच्चों में 2 से 3 गुना बढ़े हैं। इससे पहले साउथ अफ्रीकी डॉक्टर ने भी ओमिक्रॉन को 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया है। साउथ अफ्रीका के हॉस्पिटल में कोरोना के मरीज, खास कर बच्चों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। इनमें भी 5 साल के छोटे बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने की ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसका एक कारण बच्चों को वैक्सीन ना लगाना है। इस वजह से बच्चे इस वैरिएंट की चपेट में आसानी से आ रहे हैं।

देहरादून तक पहुंचा ओमीक्रॉन का साया –

ओमिक्रॉन संक्रमितों के संपर्क में आने वाले बुजुर्ग दंपत्ति के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की  टीमों ने तीन ऐसे लोगों को चिन्हित किया है जो अमेरिका से उन विमान से देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश पहुंचे है जिसमें कई ओमिक्रॉन संक्रमित यात्रियों ने सफर किया। फिलहाल ऐसे युवकों को चिन्हित करने के साथ ही उनके सैंपल लिए गए हैं जिन्हें जीनोम सीक्वेंसिगं के लिए भेजा गया है। सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती मीडिया को  बताया कि तीनों यात्रियों में शामिल वसंत विहार निवासी युवक की रिपोर्ट निगेटिव आयी है। सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि ऐसे ही विकासनगर निवासी एक युवक को चिन्हित किया गया है जो अमेरिका से आया है। उसका भी सैंपल लिया गया है। इसके साथ ही ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति को चिन्हित किया गया है जो अमेरिका से उसी फ्लाइट से आया है जिसमें कई यात्री जांच में कोरोना संक्र्तमित पाए गए हैं। उसका भी सैंपल लेकर जांच पड़ताल के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

ओमिक्रॉन का ग्राफ बढ़ने के साथ क्यों हो रही बूस्टर डोज की डिमांड – 

देश में 224 से ज्यादा ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं। इससे लोगों में खौफ बढ़ता जा रहा है। इससे बचने के लिए कई देशों में बूस्टर डोज लगना शुरू हो गया है। दावा किया जा रहा है कि इससे ओमिक्रॉन संक्रमण की रफ्तार को बहुत हद तक काबू में लाया जा सकता है।

UK के रिसर्चर्स ने हाल ही में कहा था कि ओमिक्रॉन के गंभीर मामलों में बूस्टर डोज 80% तक इफेक्टिव है। जहां तक भारत की बात है, यहां भी बूस्टर डोज की मांग हो रही है। कई एक्सपर्ट भी इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अभी इसकी मंजूरी नहीं दी है। सरकार का पूरा फोकस अभी वैक्सीनेशन पर है। करीब 60% आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।

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