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अनुपमा गुलाटी हत्याकांडः पत्नी के किए थे 72 टुकड़े, अब जेल से बाहर आना चाहता है दोषी

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नैनीताल. देहरादून का एक हत्याकांड जो पूरे देश में चर्चा का विषय रहा था एक बार फिर कोर्ट के दरवाजे पर खड़ा है. अनुपमा गुलाटी हत्याकांड (Anupama Gulati Murder) के दोषी उसके पति राजेश गुलाटी ने अब हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया है. इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगने के साथ ही दस दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज करने के लिए कहा है. अब मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को तय की गई है.
जानकारी के अनुसार हत्या के दोषी राजेश गुलाटी ने हाईकोट्र से मेडिकल आधार पर शॉर्ट टर्म बेल की मांग की है. राजेश गुलाटी ने हाईकोर्ट में अपने अस्वस्‍थ्य होने की बात कही है और इलाज के लिए जमानत की मांग की है.

लव मैरिज और फिर हत्या

राजेश गुलाटी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और देहरादून में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता था. अनुपमा और राजेश ने 1999 में लव मैरिज की थी. लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच काफी झगड़े होते थे. हालांकि किसी को भी ये नहीं लगा था कि राजेश अपनी पत्नी की इस तरह से हत्या कर देगा.

अनुपमा गुलाटी और राजेश का शादी का फोटो.

डीप फ्रिजर में डाला शव

राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की 17 अक्टूबर 2010 को निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी. अपने अपराध को छुपाने के लिए उसने शव के पहले काटकर 72 टुकड़े किये जिसके बाद उन्हें डीप फ्रीजर में डाल दिया और ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा. इसी बीच 12 दिसम्बर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून पहुंचा तो इस हत्याकांड का खुलासा हुआ और शव देख सब भौचक्के रह गए. इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया जिसके बाद देहरादून कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की तो कोर्ट ने राजेश गुलाटी को 1 सितम्बर 2017 को आजीवन कारावास की सजा सुना दी और 15 लाख रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने लगा दिया. कोर्ट ने आपने आदेश में 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि उसके बच्चो के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना था.

Published by:Saurabh Sharma

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