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सावधान ! बुखार में बच्‍चे को न खिलाएं आइबूप्रोफेन – हो सकती है परेशानी 

विशेष रिपोर्ट – महविश फ़िरोज़

पैरेंट्स हर हाल में अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं और जब बच्चा बीमार पड़ जाए, तो मां-बाप की जान निकल जाती है। कहीं न कहीं वो खुद को असहाय महसूस करते हैं। छोटी-मोटी बीमारियों के लिए कई दवाईयां मौजूद हैं जैसे कि आइबूप्रोफेन। अक्सर बड़े लोग बीमार पड़ने पर डॉक्टर के पर्चे के बिना मिलने वाली दवा आइबूप्रोफेन लेते हैं लेकिन क्‍या बच्‍चों को यह दवा दी जा सकती है? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि क्‍या बच्‍चों को बीमार पड़ने पर आइबूप्रोफेन खिला सकते हैं और अगर हां तो उनके लिए इसकी खुराक क्‍या होनी चाहिए और दिन में कितनी बार या कितनी देर में बच्चे को इसकी गोली दे सकते हैं।

क्‍या है आइबूप्रोफेन
दर्द, सूजन और बुखार के इलाज के लिए खासतौर पर इस दवा का उपयोग किया जाता है। यह नॉनस्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लामेट्री दवा है जो डॉक्टर के पर्चे या प्रिस्क्रिप्शन के बिना मिल सकती है। प्रभावित हिस्से के आसपास प्रोस्टाग्लैंडिन नाम के एंजाइम को बनाने से रोकने की असरदार दवा है आइबूप्रोफेन। यह एंजाइम दर्द महसूस करवाता है और जब इस एंजाइम में कमी आती है, तो दर्द कम महसूस होने लगता है।
आइबूप्रोफेन काफी विश्वसनीय दवा है। डॉक्टर बच्‍चे को आइबूप्रोफेन की जितनी खुराक या मात्रा लिखते हैं, उतनी ही मात्रा में इस दवा को देना चाहिए।किसी भी पाचन संबंधी समस्‍या से बचने के लिए खाने के साथ या बाद में आइबूप्रोफेन ली जाती है। उम्र और वजन के हिसाब से इसकी खुराक अलग हो सकती है। वयस्‍कों, बच्‍चों और शिशु के लिए कभी एक समान खुराक नहीं होती है। डॉक्‍टर के बताए अनुसार दवा की खुराक और समय होता है।
आमतौर पर पीडियाट्रिशियन चेकअप करने के बाद बीमारी का पता लगाकर आइबूप्रोफेन लिखते हैं। अल्‍सरेटिव कोलाइटिस या क्रोहन डिजीज में, अस्‍थमा, किसी दवा से एलर्जी होने, हार्ट की बीमारी, ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम में बच्‍चे को आइबूप्रोफेन नहीं दी जानी चाहिए।सीनियर कंसल्‍टेंट पीडियाट्रिक्‍स डॉक्‍टर  का कहना है कि एक साल से अधिक उम्र के बच्‍चों को आइबूप्रोफेन दी जा सकती है। बच्‍चे के लिए इसकी खुराक मिलीग्राम प्रति किलो के हिसाब से होता है। प्रति किलो वजन पर 5 से 10 मिलीग्राम खुराक दी जा सकती है और हर 8 घंटे के गैप में दिन में 3 बार आइबूप्रोफेन दे सकते हैं।
आज जब मौसम बदल रहा है और कोरोना से भी अब धीरे धीरे राहत मिलती दिख रही है ऐसे में ज़रूरी है कि ऐसे में आप अपने बच्चों का ख़ास ख्याल रखें और अगर ज़रूरत पड़े तो एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खिलाएं।

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