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मिलिए देश के पहले डिजिटल भिखारी से – गूगल पे पेटीएम से लेता है भीख

स्पेशल रिपोर्ट – महविश फ़िरोज़

बीते कुछ वर्षों में हमने डिजिटल इंडिया की ओर काफी तेजी से कदम बढ़ाया है. देश में अब अथिकतर लेन देन अब डिजिटल माध्यमों से होने लगे हैं. इस में यूपीआई एक बड़ा ही अहम रोल निभा रहा है. भीम, फोन पे, गूगल पे, मोबिक्विक, पेटीएम जैसे कई एप के माध्यम से लोग मनी एक्सचेंज में अब अधिक सहज महसूस करते हैं. बदलते जमाने के साथ अब तो समाज में अंतिम पायदान पर खड़े लोग भी अपने आप को बदलने में लगे हैं. बात चाहे रेहड़ी, ठेला-खोमचा वाले की करें या फिर भिक्षाटन कर यानी भीख मांगकर जीवन-यापन करने वाले भिखारियों की, सभी अर्थ युग में खुद को अपडेट कर रहे हैंं और डिजिटल पेमेंट का सहारा ले रहे हैं.

कुछ ऐसी ही एक तस्वीर बिहार के रेलवे स्टेशन से आई है जो भीख मांगने के लिहाज से अपने आप में अनोखी है. दरअसल राजू नाम का युवक जो बचपन से स्टेशन पर भीख मांगते आ रहा है ने अब अपने भीख मांगने के तरीके को भी डिजिटल युग के साथ अपडेट कर लिया है, ऐसे में उसका अब भीख मांगने का अंदाज अब बदल गया है. वह लोगों से अब छुट्टे नहीं लेता बल्कि फोन पे, गुगल पे, पेटीएम जैसे डिजिटल तरीके से भीख मांगता है.

कभी-कभी भिखारी का हुलिया देखकर लोगों को अंदाजा नहीं होता कि यह भिखारी इतना अमीर और एडवांस हो सकता है। कई बार तो ऐसा होता है जब भिखारियों के पास अकूत संपत्ति निकल आती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक भिखारी कैश ही नहीं बल्कि डिजिटल भीख भी मांगता है। राजू नाम का यह भिखारी इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, बिहार के बेतिया रेलवे स्टेशन पर राजू भिखारी पिछले तीस साल से भीख मांग रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले राजू को अपना पेट पालने के लिए ही कड़ी मशक्क्त करनी पड़ती थी और किसी तरह वह कुछ पैसे जुटा पाता था लेकिन धीरे-धीरे राजू ने डिजिटल मीडियम के जरिए भीख मांगना शुरू कर दिया और देखते ही देखते वह फेमस हो गया।

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