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सभी राज्यों में अलर्ट; जानिये – कितना है खतरनाक जीका वायरस

देशभर में कोरोना वायरस का असर बहुत कम हुआ है। अब इससे जुड़े इक्के-दुक्के मामले ही सामने आ रहे हैं। इस बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जीका वायरस की दस्तक ने अन्य राज्यों के लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। इसके लक्षणों में बुखार होने के अलावा त्वचा पर लाल धब्ब भी पड़ जाते हैं। सिर दर्द के साथ आंखों में सूजन और आखे लाल होना भी इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल है। कभी-कभार यह समस्या एक सप्ताह से अधिक भी बनी रहती है।

दिल्ली समेत अन्य राज्यों में अलर्ट जारी

मिली जानकारी के मुताबिक, मुताबिक मुंबई के चंबूर के रहने वाले एक व्यक्ति में जीका वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई है। इलाज के बाद फिलहाल वह स्वस्थ हैं, लेकिन इस मामले ने चिंता बढ़ा दी है। इस वायरस के अन्य पीड़ितों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही खतरे के मद्देनजर अन्य राज्यों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कैसे फैलता है वायरस

जीका एक मच्छर जनित यानी मॉस्किटो बॉर्न वायरस होता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरस डेंगू बुखार, पीला बुखार और वेस्ट नाइल के ही जैसा होता है। वैज्ञानिक भाषा में कहे तो यह वायरस माइक्रोसेफली यानी बर्थ डिफेक्ट से संबंधित है। सबसे अधिक खतरा गर्भवती महिलाओं को होता है। अगर कोई गर्भवती महिला जीका से संक्रमित है तो उसके पैदा होने वाले बच्चों को भी यह वायरस प्रभावित कर सकता है। जीका वायरस एडीज मच्छर काटने से फैलता है।

जीका वायरस के लक्षण

जीका वायरस रोग को गंभीर नहीं माना जाता है, लेकिन इससे मरीज परेशान जरूर हो जाती है। बुखार आदि के लक्षण इस बीमारी में पाए जाते हैं। ज्यादातर मरीज दवाइयों से ठीक हो जाते हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ती है।

7 दशक पुराना है जीका वायरस

मच्छरजनित जीका वायरस लापरवाही के कारण खतरनाक भी हो सकता है। यहां बता दें कि साल 1947 में युगांडा में सबसे पहले जीका वायरस की पहचान की गई थी। यह छोटे बच्चों के लिए कभी-कभार खतरनाक हो जाता है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञ मानते हैं कि मच्छरों के काटने से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस रोग से बचाने की जरूरत है, क्योंकि इससे बच्चे भी पीड़ित आने का खतरा बराबर बना रहता है।

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