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खानपुर में सिडकुल बनने से आर्थिकी और रोज़गार को मिलेगी रफ़्तार

खानपुर में सिडकुल की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने खानपुर के प्रह्लादपुर, राजपुर, शाहपुर और मदारपुर के रकबे में लगभग पांच सौ बीघा सरकारी भूमि को सिडकुल के लिए अधिकृत कर लिया है। सिडकुल के महाप्रबंधक ने इस भूमि का सीमांकन और ग्रामवार मूल्यांकन कराने के आदेश दिए हैं।

भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में कई बड़े उद्योग समूहों ने उत्तराखंड में उद्योग लगाने की इच्छा जताई थी। सरकार उनके लिए जमीन की तलाश कर रही थी। तब खानपुर के तत्कालीन विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने क्षेत्र के राजपुर, प्रह्लादपुर, सहित अन्य गांवों की सरकारी जमीन पर सिडकुल लगाने का प्रस्ताव सरकार को सौंपा था। कुछ महीने पहले कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खानपुर में सिडकुल की स्थापना की घोषणा की थी। अब सरकार के प्रस्ताव को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद सिडकुल की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। सिडकुल के महाप्रबंधक पीसी दुम्का ने प्रह्लादपुर, शाहपुर, मदारपुर, राजपुर की कुल 32.319 हेक्टेयर (करीब 500 बीघा) सरकारी जमीन का सीमांकन और ग्रामवार मूल्यांकन करने के निर्देश सिडकुल हरिद्वार के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिए हैं।

प्रशासन ने सिडकुल के लिए कुल 47.532 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की थी। इसमें से 15.213 हेक्टेयर भूमि वन विभाग की थी। इसके हस्तांतरण के लिए वन विभाग को कई बार प्रस्ताव भी गए, लेकिन विभाग ने जमीन नहीं दी। बाद में इस जमीन को अलग कर बाकी की 32.319 हेक्टेयर जमीन ही अधिग्रहीत की गई।प्रदेश में नयी सरकार बनने के बाद सिडकुल के इस मेगा प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम होता है तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रदेश की आर्थिकी और बेरोज़गारी के लिए ये बड़ा सकारात्मक असर डाल सकती है।

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