Flash Story
मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किए राजस्व विभाग के 6 वेब पोर्टल, खतौनी से लेकर भू-अनुमति तक सेवाएँ हुईं ऑनलाइन
“मानक मंथन” से उद्योगों में CSR और गुणवत्ता को नई दिशा : सौरव त्रिपाठी
मेरठ ने रचा इतिहास पहली बार भक्ति एवं देश भक्ति का संपूर्ण समागम देखने को मिला
क्राइम लिट फेस्ट के समापन दिवस पर साहित्य, कानून और सिनेमा का संगम
ILI दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर (डॉ.) एस. शिवकुमार NLSA की सेंट्रल अथॉरिटी के सदस्य नियुक्त
मुख्यमंत्री धामी के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” विज़न को मिली रफ्तार, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में SOTF की बड़ी कार्रवाई 
मुख्यमंत्री धामी और डॉ. धन सिंह रावत के प्रयास रंग लाए, Dr. Sushil Ojha के नेतृत्व में दून चिकित्सालय में विश्वस्तरीय नेत्र सर्जरी
आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रिंट मीडिया पर मोदी सरकार ने बरसाई सौगातें 
देहरादून में वन खेलकूद प्रतियोगिता का दूसरा दिन रोमांचक — कई राज्यों के बीच फुटबॉल, हॉकी व बैडमिंटन मुकाबले

शहीद मेजर भूपेन्द्र कण्डारी के नाम से बनेगा स्मृति द्वार : सैनिक कल्याण मंत्री।

उत्तराखण्ड के लाल, देहरादून निवासी अमर शहीद मेजर भूपेन्द्र कण्डारी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी पहुंचे। शहीद मेजर कण्डारी राजपूताना राईफल्स में थे और वर्ष 2003 में राजौरी में आंतवादियों से एक मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। शहीद को भारत सरकार द्वारा मरणोपरंत सेना मेडल से सम्मानित किया गया। शहीद को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य वीरों की, देशभक्तों की भूमि है। प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर आज तक राज्य के हजारों रणबांकुरे भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। हमारी सरकार की संस्कृति में है कि शहीदों को उनका वाजिब सम्मान दिलाया जाए। शहीद हमारे समाज के अमूल्य रत्न हैं। राज्य के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि राज्य के समस्त 1734 शहीदों को सामाजिक सम्मान दिलाने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इन शहीदों आंगन से पवित्र माटी एकत्रित कर सैन्य धाम में लाई गई।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से भव्य राष्ट्रीय स्मारक बनाया गया है। उसी तर्ज पर राज्य के पांचवे धाम अर्थात सैन्य धाम का निर्माण देहरादून में करवाया जा रहा है। देश के प्रथम सीडीएस स्व0 विपिन रावत जी के नाम पर सैन्यधाम का मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। मैं स्थानीय लोगों से भी आह्वान करुंगा की शहीदों की याद को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाए। अगले साल शहीद कण्डारी की पुण्यतिथि को ज्यादा बेहतर तरीके से अयोजित किया जाना चाहिए। शहीद कण्डारी के पिता ने सैनिक कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस पर मंत्री ने कहा कि भर्ती पूर्व प्रशिक्षण की व्यवस्था पूर्व से ही की जा रही है।
इस दौरान शहीद के पिता गजेंद्र सिंह कंडारी, पूनम नौटियाल, सुरेन्द्र राणा अनुज रोहिला, अशोक गुप्ता, टीटू तथा व्यापार हाथीबड़कला के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top