Flash Story
देहरादून : उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026 का शुभारंभ, राज्यपाल ने दी प्रेरणा।
लोकतंत्र की मजबूती में मतदाता की निर्णायक भूमिका : बंशीधर तिवारी
मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किए राजस्व विभाग के 6 वेब पोर्टल, खतौनी से लेकर भू-अनुमति तक सेवाएँ हुईं ऑनलाइन
“मानक मंथन” से उद्योगों में CSR और गुणवत्ता को नई दिशा : सौरव त्रिपाठी
मेरठ ने रचा इतिहास पहली बार भक्ति एवं देश भक्ति का संपूर्ण समागम देखने को मिला
क्राइम लिट फेस्ट के समापन दिवस पर साहित्य, कानून और सिनेमा का संगम
ILI दिल्ली के सीनियर प्रोफेसर (डॉ.) एस. शिवकुमार NLSA की सेंट्रल अथॉरिटी के सदस्य नियुक्त
मुख्यमंत्री धामी के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” विज़न को मिली रफ्तार, आईजी कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में SOTF की बड़ी कार्रवाई 
मुख्यमंत्री धामी और डॉ. धन सिंह रावत के प्रयास रंग लाए, Dr. Sushil Ojha के नेतृत्व में दून चिकित्सालय में विश्वस्तरीय नेत्र सर्जरी

Good News Kavach – अब नहीं होगा रेल हादसा  , आ गया ‘कवच’

विशेष रिपोर्ट – आशीष तिवारी
अब नहीं होगा भारत में रेल हादसा अब नहीं टकराएंगी ट्रैक पर ट्रेन और नहीं होगी जन धन की हानि क्योंकि अब कवच है न रेलवे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार और भारतीय रेलवे ने मिलकर नई तकनीक में कामयाबी पाई है।
देश में होने वाले रेल हादसों को रोकने के लिए भारतीय रेल ने अभी हाल ही में ‘कवच’ (Kavach) कार्यप्रणाली को इजात किया है, जिसकी मदद से रेल हादसों पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी।  केन्द्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण मध्य रेलवे के सिकंदराबाद मंडल में लिंगमपल्ली-विकाराबाद सेक्शन पर गुल्लागुडा-चिटगिड्डा रेलवे स्टेशनों के बीच इसी ‘कवच’ कार्य प्रणाली की टेस्टिंग का इंस्पेक्शन किया.

कवच की वजह से आमने-सामने से आ रही ट्रेनें अपने-आप रुक गईं

केन्द्रीय मंत्री की उपस्थिति में, ‘कवच’ का व्यापक परीक्षण किया गया. रेल मंत्री उस स्वचालित इंजन पर सवार थे जो गुल्लागुडा से चिटगिड्डा की ओर गया रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ वी. के. त्रिपाठी उस स्वचालित इंजन पर सवार थे जो चिटगिड्डा से गुल्ला गुडा जा रहा था.

परीक्षण के दौरान, दोनों इंजन आमने-सामने आ गए और टक्कर की स्थिति उत्पन्न की गई कवच’ प्रणाली ने स्वचालित ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल शुरु किया और इंजनों को 380 मीटर की दूरी पर ही रोक दिया.इसके साथ ही, लाल बत्ती को पार करने का परीक्षण भी किया गया , हालांकि इंजन ने लाल बत्ती को पार नहीं किया क्योंकि ‘कवच’ के लिए स्वचालित तरीके से ब्रेक लगाना आवश्यक हो गया था.अब इस नए और अत्याधुनिक तकनीक के सामने आ जाने के बाद रेलवे मंत्रालय और केंद्र सरकार को उम्मीद है कि ट्रेनों के हादसों को रोका जा सकेगा और जनहानि से भारतीय रेल के यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top